3 प्राइवेट अस्पतालों में आयकर के छापे, संचालकों ने टैक्स के तौर पर किए 7.50 करोड़ रुपए सरेंडर
कवर्धा / शहर में बुधवार को आयकर विभाग (आईटी) ने पहली बार अस्पतालों में दबिश दी। मंगलवार शाम से ही प्रायवेट अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। छापा रूपजीवन हॉस्पिटल, परिहार हॉस्पिटल और स्नेहा क्लिनिक में मारा गया था। टैक्स चोरी के शक में कवर्धा और भिलाई की 3 अलग-अलग टीमों ने इन संस्थानों की आमदनी की जांच की। करीब 24 घंटे की कार्रवाई के बाद तीनों निजी अस्पताल के संचालकों ने 7.50 करोड़ रुपए की आय सरेंडर की।
आयकर अधिकारियों के मुताबिक अकेले रुपजीवन हॉस्पिटल के संचालक अतुल जैन ने 4.02 करोड़ रुपए, परिहार हॉस्पिटल के संचालक शशि कपूर परिहार ने 2 करोड़ रुपए और स्नेहा क्लिनिक के संचालक नितिन जैन ने 1.50 करोड़ रुपए सरेंडर किए हैं। आयकर टीम ने अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के लिए मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क, सालभर में आए मरीजों की संख्या और उनसे ली गई फीस का ब्यौरा चेक किया। अस्पताल से जारी होने वाले बिलों को भी जांच के दायरे में रखा गया।